ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने लिया एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास। टी 20 व टेस्ट खेलते रहेंगे।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के टॉप आलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। हालांकि 36 वर्ष के हो चुके मैक्सवेल अभी टी 20 मैच में खेलेते रहेंगे। टेस्ट क्रिकेट से उन्होंने संन्यास नहीं लिया है लेकिन वह काफी समय से टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के बड़े मैच विनर में से एक रहे मैक्सवेल आखिरी बार चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में नजर आए थे। जिसके बाद वह आईपीएल का भी हिस्सा थे। लेकिन चोट की वजह से वह पुरे सीजन IPL में नहीं खेल पाए थे। 

गौरतलब है कि अगस्त के महीने में आस्ट्रेलिया टीम दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी। लेकिन उससे पहले ग्लेन मैक्सवेल ने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। बताया जा रहा है की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से ही मैक्सवेल ने सन्यास लेने का मन बना लिया था।

ग्लेन मैक्सवेल ने संन्यास पर क्या कहा?

ग्लेन मैक्सवेल ने संन्यास पर क्या कहा?

“फाइनल वर्ड” पॉडकास्ट पर बात करते हुए मैक्सवेल ने कहा कि “मेरी फिटनेस टीम को नुकसान पँहुचा रही थी इसलिए मैंने यह निर्णय लिया।” चूंकि लंबे समय से मैक्सवेल पैर की चोट से जूझ रहे हैं जिसकी वजह से वह कई बार टीम में अंदर बाहर होते रहे हैं। 

आगे उन्होंने कहा कि – अभी अगला वनडे वर्ल्ड कप मे 2 साल बाँकी है इसलिए नए खिलाड़ी को मौका देना चाहिए ताकि वे अपने आप को मेरी जगह में प्रतिस्थापित कर सकें। क्योंकि किसी भी खिलाड़ी को वर्ल्ड कप जैसे आयोजन से पहले 2 साल का समय मिलना ही चाहिए।

दुनिया के बेहतरीन आलराउंडर में से एक हैं मैक्सवेल

वनडे क्रिकेट 149 मैच में मैक्सवेल ने 33 की औसत से 3990 रन बनाए हैं। वहीं बॉलिंग में उन्होंने 77 विकेट लिए हैं। मैक्सवेल दुनिया के उन आलराउंडर खिलाड़ियों मे से एक हैं जो बैटिंग करते हुए पूर्ण रूप से बैट्समैन की तरह खेलते थे।

वहीं बॉलिंग करते हुए वह प्रॉपर ऑफ स्पिनर की तरह बॉलिंग करते थे। पिछले वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनका दोहरा शतक क्रिकेट इतिहास की बेहतरीन पारियों में से एक है। जहां उन्होंने नाबाद 201 रन बनाए थे और टीम को अकेले जीत दिलाई थी।

मैं विकर्तन ठाकुर, बीएससी कंप्यूटर साइंस का छात्र हूँ और पिछले 5 वर्षों से खेल, तकनीक और राजनीति जैसे विविध विषयों पर लेखन कर रहा हूँ। विश्लेषणात्मक नजरिया और विषयों पर गहरा शोध मेरी प्रमुख विशेषता है।

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